विस्तृत उत्तर
कर्ण ने वासवी शक्ति अर्जुन के लिए सुरक्षित रखी थी — यही उनकी रणनीति थी। परंतु श्रीकृष्ण की कूटनीति ने इसे विफल कर दिया।
कर्ण की योजना — वासवी शक्ति एक बार ही प्रयोग होती थी और इसे कोई काट नहीं सकता था। कर्ण इसे अर्जुन पर चलाकर उसका वध करना चाहते थे। यदि ऐसा होता तो युद्ध का परिणाम निश्चित रूप से कुछ और होता।
श्रीकृष्ण की व्यूह-रचना — श्रीकृष्ण जानते थे कि यदि कर्ण ने वासवी शक्ति बचाई रखी तो अर्जुन का बचना कठिन होगा। इसलिए महाभारत के 14वें दिन की रात्रि को उन्होंने भीम-पुत्र घटोत्कच (भीम और हिडिम्बा का पुत्र, जो अर्ध-राक्षस था) को युद्ध में उतारा।
घटोत्कच का आतंक — रात्रिकाल में असुरों की शक्ति कई गुनी बढ़ जाती है। घटोत्कच ने कौरव सेना में भीषण तबाही मचाई। दुर्योधन ने कर्ण से अनुरोध किया। तब विवश होकर कर्ण को वासवी शक्ति घटोत्कच पर चलानी पड़ी।





