विस्तृत उत्तर
घटोत्कच एक अर्ध-राक्षस था। रात के अंधेरे में उसकी मायावी शक्तियाँ और बल कई गुना बढ़ जाते थे, जिससे वह एक अजेय शक्ति बन जाता था। रात में उसने विशालकाय रूप धारण करके आकाश से हथियार बरसाने शुरू किए और अदृश्य हो जाता था जिससे पारंपरिक तरीकों से उसका सामना करना असंभव हो गया। अपनी मायावी शक्तियों का उपयोग करके उसने भ्रम पैदा किया और सैनिकों का नरसंहार किया। यहाँ तक कि द्रोण और अश्वत्थामा जैसे महान योद्धा भी असहाय और भयभीत हो गए थे।
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