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विस्तृत उत्तर
अमोघ अस्त्र ने घटोत्कच के हृदय में प्रहार किया और उसे तुरंत मार डाला। अपने अंतिम क्षणों में घटोत्कच ने अपनी शक्तियों का अंतिम बार उपयोग करते हुए अपने शरीर को एक विशाल आकार में बड़ा कर लिया और गिरते समय कौरव सेना की एक अक्षौहिणी को कुचल दिया। इस प्रकार मरते-मरते भी उसने पांडवों की जीत में योगदान दिया और अपने बलिदान को सार्थक बना दिया।
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