दिव्यास्त्रनारायणास्त्र की सबसे खतरनाक विशेषता क्या है?नारायणास्त्र की सबसे खतरनाक विशेषता यह है कि प्रतिरोध करने पर यह और शक्तिशाली हो जाता है। जितना ज्यादा लड़ो उतना ज्यादा विनाश।#नारायणास्त्र#खतरनाक#प्रतिरोध
दिव्यास्त्ररात में घटोत्कच इतना खतरनाक क्यों था?घटोत्कच अर्ध-राक्षस था इसलिए रात में उसकी मायावी शक्तियाँ कई गुना बढ़ जाती थीं। वह अदृश्य होकर आकाश से प्रहार करता था जिससे द्रोण-अश्वत्थामा जैसे योद्धा भी असहाय हो गए।#घटोत्कच#रात
तंत्र सावधानीक्या तंत्र साधना खतरनाक हो सकती है?तंत्र खतरनाक यदि: बिना गुरु दीक्षा, वाम मार्ग अयोग्यता, अधूरी साधना, हानि/वशीकरण का उद्देश्य, असंतुलित कुंडलिनी जागरण। सुरक्षित: दक्षिण मार्ग (सात्विक), भक्ति तंत्र, मंत्र जप। शर्त: गुरु + शुद्ध उद्देश्य।#खतरनाक#जोखिम#सावधानी
रत्न शास्त्रनीलम रत्न पहनना खतरनाक क्यों माना जाता है?नीलम=शनि(सबसे कठोर)। सूट करे=राजा, न करे=रंक। 2-3 दिन असर। तकिए परीक्षा। मध्यमा, शनिवार। बिना ज्योतिषी कभी न पहनें।#नीलम#शनि#खतरनाक