विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के जोखिम का वर्णन कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में स्पष्ट है:
हाँ — तंत्र खतरनाक हो सकता है, यदि
1बिना गुरु दीक्षा
कुलार्णव: बिना दीक्षा के तंत्र — साधक को भय और मानसिक अस्थिरता दे सकता है।
2वाम मार्ग अयोग्यता
वाम मार्ग के अनुष्ठान बिना पर्याप्त पात्रता के विनाशकारी हैं।
3अधूरी साधना
महानिर्वाण तंत्र: प्रारंभ करके बीच में छोड़ना — हानिकारक हो सकता है।
4नकारात्मक उद्देश्य
किसी को हानि पहुँचाने के लिए तंत्र — कर्म के नियम से साधक को ही नुकसान।
5असंतुलित कुंडलिनी जागरण
बिना तैयारी के कुंडलिनी जागरण — शारीरिक-मानसिक असंतुलन।
जिसमें कोई खतरा नहीं
- ▸दक्षिण मार्ग की सात्विक साधना
- ▸भक्ति तंत्र (देवी-देव की उपासना)
- ▸मंत्र जप और ध्यान
सुरक्षित रहने के लिए
- ▸योग्य गुरु का मार्गदर्शन
- ▸दक्षिण मार्ग का पालन
- ▸शुद्ध उद्देश्य (मोक्ष या भक्ति)




