विस्तृत उत्तर
ब्रह्मास्त्र रोकने के विषय में पुराणों और महाभारत में दो विकल्प बताए गए हैं।
पहला विकल्प — ब्रह्मास्त्र को ब्रह्मास्त्र से ही रोका जा सकता है। किसी अन्य सामान्य अस्त्र से इसे नहीं रोका जा सकता।
दूसरा विकल्प — जो योद्धा ब्रह्मास्त्र चलाए वह इसे वापस लेने में भी समर्थ था — यदि उसे मंत्र याद हो। ब्रह्मास्त्र चलाने वाला इसे पुनः लेकर इसके परिणाम से बचा सकता था।
अश्वत्थामा का प्रसंग — महाभारत में जब अश्वत्थामा ने अर्जुन और श्रीकृष्ण पर ब्रह्मास्त्र चलाया, तब अर्जुन ने भी ब्रह्मास्त्र से उसका प्रतिकार किया। दोनों ब्रह्मास्त्रों के एक साथ चलने से प्रलय का भय उत्पन्न हुआ। ऋषियों की प्रार्थना पर अर्जुन ने अपना अस्त्र वापस ले लिया। परंतु अश्वत्थामा को वापस लेने का मंत्र याद नहीं था, इसलिए उसने उसे उत्तरा के गर्भ की ओर मोड़ दिया। श्रीकृष्ण ने उस मृत शिशु को पुनर्जीवित किया।





