का सरल उत्तर
पाशुपतास्त्र का कोई प्रतिकार नहीं है — यह अकाट्य और अमोघ है। इसे कोई अस्त्र नहीं रोक सकता। इसी कारण अर्जुन ने महाभारत में इसका प्रयोग नहीं किया — इसकी सर्वनाशी शक्ति अत्यधिक थी।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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