विस्तृत उत्तर
वेल' भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) का पवित्र भाला है जो हिन्दू परंपरा में, विशेषतः तमिल परंपरा में अत्यंत पूजनीय है।
वेल का स्वरूप — वेल एक नुकीला, लंबा दिव्य भाला है। इसे देखने में त्रिशूल के समान लगता है किंतु यह त्रिशूल से अलग और विशेष अस्त्र है। इसके शीर्ष पर एक विशेष लौहार आकृति होती है।
वेल का प्रतीकार्थ — वेल कुण्डलिनी शक्ति का प्रतीक है — वह दिव्य शक्ति जो मूलाधार से उठकर सहस्रार तक जाती है। यह अज्ञान और अहंकार को भेदने वाली शक्ति का प्रतीक है। जिस प्रकार वेल तारकासुर के अहंकार को भेदता है उसी प्रकार यह साधक के अंदर के अज्ञान-अहंकार को भेदता है।
वेल की शक्ति — माता पार्वती की शक्ति से परिपूर्ण वेल अचूक और अपराजेय था। इसी से तारकासुर और सुरपदम का वध हुआ। दक्षिण भारत में 'वेल' की अलग से पूजा होती है और इसे 'वेल मुरुगन' कहते हैं।





