विस्तृत उत्तर
दुर्गा सप्तशती में वर्णित है कि जब देवी दुर्गा महिषासुर के वध के लिए प्रकट हुईं तब सभी देवताओं ने अपने-अपने प्रमुख अस्त्र देवी को अर्पित किए।
विष्णु का योगदान — भगवान विष्णु ने अपने चक्र से एक चक्र उत्पन्न कर देवी को प्रदान किया। यह सुदर्शन चक्र भक्तों की रक्षा और अधर्मियों के नाश के लिए था।
क्यों दिया — महिषासुर को किसी भी पुरुष देवता से मृत्यु न हो का वरदान था — इसलिए सभी पुरुष देवता उसे नहीं मार सकते थे। देवी ही उसका वध कर सकती थीं। इसलिए सभी देवताओं ने अपनी-अपनी दिव्य शक्तियाँ देवी को प्रदान कीं ताकि महिषासुर-वध के लिए एकत्रित शक्ति से सज्जित होकर देवी युद्ध करें।
देवी को दिए गए अन्य अस्त्र — शिव = त्रिशूल, विष्णु = सुदर्शन चक्र, इंद्र = वज्र + घंटा, वरुण = शंख + पाश, अग्नि = शक्ति, विश्वकर्मा = फरसा, हिमालय = सिंह (वाहन)। इस प्रकार समस्त देव-शक्ति देवी में समाहित हो गई।





