विस्तृत उत्तर
स्कंद पुराण भगवान कार्तिकेय (स्कंद) से ही संबंधित है — वे इस पुराण के मूल उपदेष्टा हैं। इसमें उनके अस्त्रों और दिव्य शक्तियों का विस्तृत वर्णन मिलता है।
प्रमुख अस्त्र — वेल (भाला): कार्तिकेय का मुख्य और सर्वप्रमुख अस्त्र। माता पार्वती प्रदत्त, कुण्डलिनी-शक्ति का प्रतीक। इससे तारकासुर और सुरपदम का वध हुआ। कुछ स्थानों पर शूल का भी उल्लेख है।
जन्म के समय अस्त्र — स्कंद पुराण में उल्लेख है कि जन्म के समय ही कार्तिकेय के हाथों में शक्ति, शूल और महास्त्र के दिव्य हथियार थे। कृत्तिकाओं और देवताओं ने उन्हें वरदान और शक्तियाँ प्रदान कीं।
तारकासुर-वध और सुरपदम-वध — स्कंद पुराण के तमिल संस्करण 'कांडा पुराण' में विस्तृत वर्णन है। कार्तिकेय ने तारकासुर का वध वेल से किया, सिंहमुखम को शेर बनाया और सुरपदम ने पहाड़ का रूप लिया तब वेल से पहाड़ तोड़ा — मोर और मुर्गा बने।
देव सेनापति — स्कंद पुराण में कार्तिकेय को देवताओं का सर्वोच्च सेनापति बताया गया है जो देवासुर संग्राम में देवताओं का नेतृत्व करते हैं।





