दिव्यास्त्रस्कंद पुराण में कार्तिकेय के अस्त्रों का क्या वर्णन हैस्कंद पुराण में कार्तिकेय का मुख्य अस्त्र वेल (माता-प्रदत्त भाला) है। जन्म से ही उनके हाथ में दिव्य शस्त्र थे। वेल से तारकासुर-वध और सुरपदम का पहाड़-रूप तोड़ा। वे देव-सेनापति हैं।#स्कंद पुराण#कार्तिकेय अस्त्र#वेल
कार्तिकेय कथाकार्तिकेय का जन्म क्यों हुआ था?कार्तिकेय का जन्म तारकासुर के वध के लिए हुआ था। तारकासुर को यह वरदान था कि उसका वध केवल शिव-पुत्र से ही होगा। तीनों लोकों में उसके अत्याचार से त्रस्त देवताओं की रक्षा के लिए कार्तिकेय का अवतरण हुआ।#कार्तिकेय जन्म
परिवार और सती-पार्वतीकार्तिकेय किसके प्रतीक हैं?कार्तिकेय (षडानन) = शिव के दिव्य तेज से तारकासुर वध के लिए उत्पन्न। वे शौर्य, शक्ति, अनुशासन और देवताओं के सेनापतित्व के प्रतीक हैं।#कार्तिकेय#शौर्य शक्ति#तारकासुर
कार्तिकेय कथाकार्तिकेय को देवताओं का सेनापति किसने बनाया?कार्तिकेय को तारकासुर के वध के बाद समस्त देवताओं ने — इंद्र के नेतृत्व में — देवताओं का सेनापति बनाया। उनका नाम 'महासेन' भी है जिसका अर्थ महान् सेना का स्वामी है।#कार्तिकेय सेनापति#देव सेनापति#तारकासुर वध