विस्तृत उत्तर
महाभारत में ब्रह्मास्त्र के प्रयोग के कई प्रसंग हैं।
सबसे प्रसिद्ध प्रयोग — अश्वत्थामा ने महाभारत युद्ध के अंत में पांडव-शिविर पर रात्रि में आक्रमण करके पांडुपुत्रों का वध किया। जब पांडवों ने उसे पकड़ा तो पिता की मृत्यु का प्रतिशोध लेने के लिए उसने उत्तरा के गर्भ में पल रहे अभिमन्यु-पुत्र परीक्षित को नष्ट करने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।
अर्जुन का प्रतिकार — अर्जुन ने भी ब्रह्मास्त्र से उसका प्रतिकार किया। जब दोनों आपस में टकराने वाले थे तो ऋषियों की प्रार्थना पर अर्जुन ने अपना अस्त्र वापस ले लिया। अश्वत्थामा को वापस लेना नहीं आता था इसलिए उसने उसे उत्तरा के गर्भ की ओर मोड़ा। श्रीकृष्ण ने गर्भस्थ शिशु की रक्षा की और वह परीक्षित के नाम से जन्मे।
अन्य प्रयोग — महाभारत में द्रोणाचार्य, कर्ण ने भी ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया था। रामायण में लक्ष्मण और विभीषण के पास भी यह अस्त्र था।





