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अश्वत्थामा से जुड़े सभी प्रश्न(34)

अश्वत्थामा पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 34 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मास्त्र किन किन के पास था महाभारत में?

महाभारत में ब्रह्मास्त्र द्रोणाचार्य, अर्जुन, अश्वत्थामा, भीष्म, कर्ण, श्रीकृष्ण के पास था। रामायण में राम, लक्ष्मण, मेघनाद, परशुराम के पास था। यह दुर्लभ अस्त्र था जो केवल विशेष शिक्षा से मिलता था।

#ब्रह्मास्त्र धारक#द्रोण#अश्वत्थामा
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा को वायव्यास्त्र कहाँ से मिला?

अश्वत्थामा को वायव्यास्त्र का ज्ञान अपने पिता गुरु द्रोणाचार्य से विरासत में मिला था।

#अश्वत्थामा#वायव्यास्त्र#द्रोणाचार्य
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा ने नारायणास्त्र क्यों चलाया?

पिता द्रोणाचार्य की छलपूर्ण मृत्यु से क्रोधित अश्वत्थामा ने प्रतिशोध में पांडव सेना का समूल नाश करने के लिए नारायणास्त्र चलाया।

#अश्वत्थामा#नारायणास्त्र#द्रोण वध
दिव्यास्त्र

द्रोणाचार्य ने नारायणास्त्र किसे दिया?

द्रोणाचार्य ने नारायणास्त्र मुख्य रूप से अपने पुत्र अश्वत्थामा को दिया। कुछ मतों के अनुसार अर्जुन को भी इसका ज्ञान दिया था।

#द्रोणाचार्य#नारायणास्त्र#अश्वत्थामा
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मास्त्र को वापस कैसे लेते हैं?

ब्रह्मास्त्र वापस लेने के लिए संहार मंत्र का उच्चारण करना होता था। अर्जुन को यह आता था इसलिए उन्होंने वापस लिया। अश्वत्थामा को नहीं आता था — इसीलिए उसने उत्तरा के गर्भ पर छोड़ा।

#ब्रह्मास्त्र वापस#संहार ज्ञान#अश्वत्थामा
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा को पर्जन्यास्त्र का ज्ञान कहाँ से मिला?

अश्वत्थामा को पर्जन्यास्त्र का ज्ञान अपने पिता गुरु द्रोणाचार्य से प्राप्त हुआ था। यह उनके विशाल दिव्यास्त्र संग्रह का हिस्सा था।

#अश्वत्थामा#पर्जन्यास्त्र#द्रोणाचार्य
दिव्यास्त्र

अर्जुन ने किन-किन योद्धाओं के इंद्रास्त्र को अपने इंद्रास्त्र से रोका?

अर्जुन ने भीष्म, द्रोण और अश्वत्थामा द्वारा चलाए गए इंद्रास्त्र को अपने इंद्रास्त्र से टकराकर निष्प्रभावी किया।

#अर्जुन#इंद्रास्त्र#भीष्म
शिव अवतार कथा

अश्वत्थामा शिव के किस अवतार का अंश है

अश्वत्थामा शिव के 'सवन्तिक रुद्र' अंशावतार हैं। द्रोणाचार्य की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने सवन्तिक रुद्र के अंश से उनके पुत्र रूप में जन्म लिया। जन्म से मस्तक में दिव्य मणि थी जो उन्हें अजेय बनाती थी।

#अश्वत्थामा#सवन्तिक रुद्र#द्रोणाचार्य
दिव्यास्त्र

परीक्षित की रक्षा सुदर्शन चक्र ने कैसे की?

अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भस्थ शिशु परीक्षित को बचाने के लिए कृष्ण ने गर्भ में सुदर्शन चक्र से उस ब्रह्मास्त्र के तेज को रोका।

#सुदर्शन चक्र#परीक्षित#उत्तरा
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा ने आग्नेयास्त्र से क्या किया?

अश्वत्थामा ने आग्नेयास्त्र से अर्जुन पर आक्रमण किया और पांडवों की एक पूरी अक्षौहिणी सेना को भस्म कर दिया। यह दिव्यास्त्र के दुरुपयोग का भयावह उदाहरण है।

#अश्वत्थामा#आग्नेयास्त्र#पांडव सेना
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा के साथ क्या हुआ जब वह ब्रह्मास्त्र नहीं लौटा सका?

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र चलाना जानता था पर वापस लेना नहीं, जिससे अनर्थ हुआ। यह सिद्ध करता है कि अस्त्र का संपूर्ण ज्ञान — चलाना और लौटाना दोनों — आवश्यक था।

#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र#वापस नहीं लौटाया
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया था

अश्वत्थामा ने पिता द्रोणाचार्य के छलपूर्ण वध का प्रतिशोध लेने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। पांडव-वंश के अंतिम शिशु परीक्षित को लक्ष्य किया। श्रीकृष्ण ने परीक्षित को बचाया और अश्वत्थामा को श्राप दिया।

#अश्वत्थामा#ब्रह्मास्त्र#पिता का बदला
दिव्यास्त्र

महाभारत में ब्रह्मास्त्र किसने चलाया था

महाभारत में सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मास्त्र प्रयोग अश्वत्थामा का था — उसने उत्तरा के गर्भस्थ शिशु परीक्षित को मारने के लिए चलाया। श्रीकृष्ण ने शिशु की रक्षा की। अर्जुन, द्रोण, कर्ण ने भी इसका प्रयोग किया था।

#महाभारत ब्रह्मास्त्र#अश्वत्थामा#अर्जुन
दिव्यास्त्र

अश्वत्थामा के नारायणास्त्र के समय वरुणास्त्र का प्रयोग क्यों किया गया?

जब अश्वत्थामा के नारायणास्त्र से भीम घिर गए तब अर्जुन और कृष्ण ने भीम तक पहुँचने के लिए वरुणास्त्र का प्रयोग किया था।

#वरुणास्त्र#नारायणास्त्र#अश्वत्थामा
अस्त्र शस्त्र

ब्रह्मशिरास्त्र किसने चलाया था?

ब्रह्मशिरास्त्र का प्रसिद्ध प्रयोग अश्वत्थामा ने किया था — अंत में उसने इसे उत्तरा के गर्भ पर छोड़ा जिससे परीक्षित की मृत्यु हुई। श्रीकृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।

#ब्रह्मशिरास्त्र#अश्वत्थामा#अर्जुन
अस्त्र शस्त्र

महाभारत में ब्रह्मास्त्र कितनी बार चला था?

महाभारत में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कम से कम 2-3 प्रमुख बार हुआ — द्रोण द्वारा, और सबसे प्रसिद्ध: अश्वत्थामा एवं अर्जुन ने एक साथ (सौप्तिकपर्व)। अश्वत्थामा ने उत्तरा के गर्भ पर मोड़ा था।

#ब्रह्मास्त्र#महाभारत प्रयोग#अश्वत्थामा
अस्त्र शस्त्र

गुरु द्रोण ने किन-किन को दिव्यास्त्र दिए थे?

द्रोण ने अर्जुन को ब्रह्मास्त्र + ब्रह्मशिरास्त्र (संहार सहित), अश्वत्थामा को ब्रह्मास्त्र + ब्रह्मशिरास्त्र + नारायणास्त्र (संहार विधि बिना), युधिष्ठिर को ब्रह्मास्त्र दिया।

#द्रोण शिष्य#अर्जुन#अश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

द्रौपदी और अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को मारा, पर बँधा हुआ लाए जाने पर द्रौपदी ने गुरु-पुत्र और ब्राह्मण समझकर उसे छोड़ने को कहा।

#द्रौपदी#अश्वत्थामा#कृपी
श्रीमद्भागवत

ब्राह्मण को मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?

अश्वत्थामा गुरु-पुत्र और ब्राह्मण था; इसलिए शारीरिक वध के स्थान पर मणि छीनना, सिर मूँड़ना और निकाल देना दंड माना गया।

#ब्राह्मण दंड#अश्वत्थामा#द्रौपदी
श्रीमद्भागवत

आततायी का मतलब क्या है?

आततायी वह है जो घोर हिंसक अपराध करे; टिप्पणी में आग लगाने वाला, विष देने वाला, हथियार लेकर हमला करने वाला आदि छह प्रकार बताए गए हैं।

#आततायी#धर्म#अश्वत्थामा
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा को कैसे पकड़ा गया?

अर्जुन ने कृष्ण को सारथि बनाकर अश्वत्थामा का पीछा किया, ब्रह्मास्त्र का संकट शांत किया और फिर उसे पशु की तरह बाँध लिया।

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श्रीमद्भागवत

कृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र के बारे में क्या कहा?

कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि यह अश्वत्थामा का ब्रह्मास्त्र है; वह इसे लौटाना नहीं जानता और इसका निवारण ब्रह्मास्त्र से ही होगा।

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श्रीमद्भागवत

अर्जुन और अश्वत्थामा की ब्रह्मास्त्र कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने भय में ब्रह्मास्त्र चलाया; कृष्ण के कहने पर अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र से उसका निवारण किया और फिर अश्वत्थामा को बाँध लिया।

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श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ब्रह्मास्त्र वापस क्यों नहीं ले पाया?

श्रीमद्भागवत के अनुसार अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र तो चला दिया, लेकिन उसे लौटाने की विधि वह नहीं जानता था।

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श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने ब्रह्मास्त्र क्यों चलाया?

अश्वत्थामा ने अर्जुन को अपनी ओर आते देखा, अपने को असहाय पाया और प्राण बचाने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया।

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श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पुत्रों की हत्या कैसे हुई?

द्रौपदी के पुत्र सो रहे थे; अश्वत्थामा ने उनके सिर काटकर दुर्योधन को भेंट किए।

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श्रीमद्भागवत

द्रौपदी के पांच पुत्रों को किसने मारा?

द्रौपदी के पांच पुत्रों को द्रोणपुत्र अश्वत्थामा ने सोते समय मार डाला।

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श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के पुत्रों को क्यों मारा?

अश्वत्थामा ने दुर्योधन का प्रिय कार्य समझकर द्रौपदी के सोते हुए पुत्रों को मारा, पर यह कर्म दुर्योधन को भी अप्रिय लगा।

#अश्वत्थामा#द्रौपदी पुत्र#दुर्योधन
श्रीमद्भागवत

अश्वत्थामा की कथा क्या है?

अश्वत्थामा ने द्रौपदी के सोए हुए पुत्रों की हत्या की, ब्रह्मास्त्र चलाया, अर्जुन ने उसे पकड़ा और अंत में उसकी मणि निकालकर उसे शिविर से बाहर किया गया।

#अश्वत्थामा#द्रौपदी पुत्र#ब्रह्मास्त्र
महाभारत

उत्तरा के गर्भ को कृष्ण ने कैसे बचाया?

अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने सूक्ष्म रूप धारण करके गर्भ में प्रवेश किया और अपनी दिव्य शक्ति से ब्रह्मास्त्र के प्रहार को निष्फल किया। परीक्षित मृत जन्मे, पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।

#उत्तरा#परीक्षित#कृष्ण
हिंदू दर्शन

अश्वत्थामा अमर हैं क्या और आज कहाँ

अश्वत्थामा चिरंजीवी हैं — परंतु शाप से, वरदान से नहीं। सोते पांचालों की हत्या और गर्भस्थ परीक्षित पर ब्रह्मास्त्र के दंडस्वरूप कृष्ण ने मणि छीनी और शाप दिया — रोग, दुर्गंध, एकाकीपन में अनंत काल तक भटकना। 'आज कहाँ' — लोक मान्यता; शास्त्रीय रूप से अनिश्चित।

#अश्वत्थामा#चिरंजीवी#शाप
अस्त्र शस्त्र

अश्वत्थामा के पास कौन से अस्त्र थे?

अश्वत्थामा के पास ब्रह्मास्त्र, ब्रह्मशिरास्त्र, नारायणास्त्र (पिता द्रोण से) और जन्म से माथे में 'सिरोन रत्न' मणि थी जो सभी से रक्षा करती थी। यह मणि बाद में अर्जुन ने निकाल ली।

#अश्वत्थामा#ब्रह्मशिरास्त्र#नारायणास्त्र
महाभारत

द्रौपदी के पाँच पुत्रों के नाम?

द्रौपदी के पाँच पुत्र थे — युधिष्ठिर से प्रतिविन्ध्य, भीम से सुतसोम, अर्जुन से श्रुतकर्मा, नकुल से शतानीक और सहदेव से श्रुतसेन। इन्हें उपापांडव कहा जाता है। युद्ध की अंतिम रात अश्वत्थामा ने इन सभी को सोते समय मार दिया।

#द्रौपदी#उपपांडव#पांच पुत्र
अस्त्र शस्त्र

नारायणास्त्र महाभारत में किसने चलाया था?

नारायणास्त्र महाभारत में अश्वत्थामा ने चलाया था — पिता द्रोणाचार्य की मृत्यु का बदला लेने के लिए। द्रोण ने यह अस्त्र भगवान नारायण की उपासना से प्राप्त किया और अश्वत्थामा को दिया था।

#नारायणास्त्र#अश्वत्थामा#महाभारत
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