विस्तृत उत्तर
महाभारत में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कम से कम 2-3 प्रमुख अवसरों पर प्रमाणित रूप से हुआ था।
पहला प्रयोग — द्रोणाचार्य ने कुरुक्षेत्र युद्ध में ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया था। कुछ प्रसंगों में द्रोण के ब्रह्मास्त्र का उल्लेख मिलता है।
दूसरा प्रमुख प्रयोग — सौप्तिकपर्व में अश्वत्थामा और अर्जुन का सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रसंग है। अश्वत्थामा ने क्रोध में ब्रह्मास्त्र/ब्रह्मशिरास्त्र चलाया। अर्जुन ने उत्तर में ब्रह्मास्त्र चलाया। ऋषि व्यास और नारद के हस्तक्षेप पर अर्जुन ने वापस ले लिया परंतु अश्वत्थामा नहीं जानता था — उसने इसे उत्तरा के गर्भ पर मोड़ दिया।
तीसरा — कुछ ग्रंथों में युधिष्ठिर और कर्ण के ब्रह्मास्त्र ज्ञान का भी उल्लेख है।
सटीक संख्या — महाभारत के मूल ग्रंथ में ब्रह्मास्त्र के प्रयोग की सटीक संख्या बताना कठिन है क्योंकि विभिन्न पर्वों में इसके अलग-अलग संदर्भ हैं। निश्चित रूप से 2-3 बार मुख्य और प्रमाणित प्रयोग हुए। सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रसंग अश्वत्थामा-अर्जुन का सौप्तिकपर्व वाला है।





