विस्तृत उत्तर
यह प्रश्न एक महत्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट करने का अवसर देता है — वाल्मीकि रामायण के अनुसार राम ने मारीच पर ब्रह्मास्त्र नहीं चलाया था।
वाल्मीकि रामायण में स्पष्ट वर्णन है कि जब विश्वामित्र के यज्ञ में मारीच और सुबाहु ने उपद्रव मचाया, तब राम ने मारीच पर 'मानव अस्त्र' अभिमंत्रित 'बिना फल वाला बाण' (blunt arrow) चलाया। इस बाण का उद्देश्य मारीच का वध करना नहीं था — बल्कि उसे युद्धभूमि से दूर भेजना था।
वह बाण मारीच को मारे बिना उसे 100 योजन दूर समुद्र के पार फेंक गया। इसके बाद राम ने अग्नेयास्त्र से सुबाहु का वध किया।
मारीच को मारने की इच्छा राम की नहीं थी — वे केवल यज्ञ की रक्षा करना चाहते थे। इसीलिए बाद में जब रावण ने मारीच को स्वर्ण मृग बनने के लिए कहा, तब मारीच ने रावण से कहा — 'राम ने मुझे एक बार मारे बिना दूर भेज दिया था — वे महान योद्धा हैं।'
इसलिए 'राम ने मारीच पर ब्रह्मास्त्र चलाया' यह एक लोकप्रिय भ्रम है — सच यह है कि उन्होंने विशेष बाण से उसे दूर भेजा, वध नहीं किया।





