विस्तृत उत्तर
राम ने जयंत पर एक तिनके को ब्रह्मास्त्र से अभिमंत्रित करके चलाया था — यह रामायण के सबसे रोचक प्रसंगों में से एक है।
कथा इस प्रकार है — जब राम, सीता और लक्ष्मण चित्रकूट में निवास कर रहे थे, तब देवराज इंद्र के पुत्र जयंत ने राम की शक्ति की परीक्षा लेनी चाही। उसने कौवे का रूप धारण किया और सीता माता के पैर को बार-बार चोंच मारी। रक्त बहने लगा।
राम ने देखा और समझ गए कि यह कोई साधारण कौवा नहीं है। उन्होंने घास का एक साधारण तिनका उठाया और उसे ब्रह्मास्त्र के मंत्र से अभिमंत्रित करके जयंत पर चला दिया।
जयंत उस अभिमंत्रित तिनके से बचने के लिए तीनों लोकों में भागा — ब्रह्मलोक, इंद्रलोक, स्वर्ग, पाताल — परंतु कहीं शरण नहीं मिली। किसी देवता ने भी उसे आश्रय नहीं दिया। अंत में थककर वह राम के पास लौटा और उनकी शरण ली।
राम ने उसे क्षमा कर दिया परंतु दंड के रूप में उसकी एक आँख ली। इस प्रसंग से यह सिद्ध होता है कि राम के पास ब्रह्मास्त्र था और एक तिनके में भी इसकी शक्ति डाली जा सकती थी।





