का सरल उत्तर
राम ने जयंत पर घास का एक तिनका ब्रह्मास्त्र से अभिमंत्रित करके चलाया। जयंत तीनों लोकों में भागा पर शरण नहीं मिली — अंत में राम की शरण में आया। राम ने क्षमा किया, एक आँख दंड में ली।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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