विस्तृत उत्तर
जब अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र का भयानक तेज सब ओर फैलने लगा, तब अर्जुन ने श्रीकृष्ण से पूछा कि यह तेज क्या है और कहाँ से आ रहा है। श्रीकृष्ण ने स्पष्ट कहा कि यह द्रोणपुत्र अश्वत्थामा का चलाया हुआ ब्रह्मास्त्र है। उन्होंने बताया कि अश्वत्थामा ने प्राणसंकट में इसका प्रयोग तो कर दिया, पर वह इसके संहार की विधि नहीं जानता। कृष्ण ने आगे कहा कि किसी दूसरे अस्त्र में इस ब्रह्मास्त्र को दबाने की शक्ति नहीं है। अर्जुन शस्त्रविद्या को अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए उन्हें ब्रह्मास्त्र के तेज से ही इस ब्रह्मास्त्र की आग को बुझाना चाहिए। कृष्ण के इस निर्देश के बाद अर्जुन ने ब्रह्मास्त्र से ही उसका निवारण किया।
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