विस्तृत उत्तर
भगवान शिव ने त्रिपुर विनाश में अंतर्धान अस्त्र का प्रयोग इसलिए किया ताकि पाशुपतास्त्र के लिए एक अचूक अवसर बन सके। अंतर्धान अस्त्र के प्रभाव से शक्तिशाली असुर या तो गहरी नींद में चले गए या सुध-बुध खोकर चेतनाहीन हो गए, जिससे वे अपने नगरों की रक्षा करने या जवाबी हमला करने में पूरी तरह असमर्थ हो गए। इसका उपयोग दुश्मन के नेतृत्व और रक्षा प्रणाली को पंगु बनाने के लिए किया गया। यह प्रसंग यह सिद्ध करता है कि अंतर्धान अस्त्र प्राथमिक विनाशक हथियार नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण सहायक और रणनीतिक अस्त्र था।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





