विस्तृत उत्तर
रामायण के युद्ध में लंकापति रावण के पुत्र इंद्रजीत (मेघनाद) ने लक्ष्मण पर पाशुपतास्त्र का प्रयोग किया था। परंतु लक्ष्मण के तेज और दिव्यता के समक्ष यह अस्त्र प्रभावहीन रहा और उन्हें कोई क्षति नहीं पहुंचा सका। यह घटना यह दर्शाती है कि अत्यंत शक्तिशाली पाशुपतास्त्र भी दिव्य विधान और पात्र की दिव्यता के अधीन था। लक्ष्मण जी स्वयं भगवान विष्णु के अंश आदिशेष के अवतार थे इसलिए यह अस्त्र उन पर प्रभावहीन रहा।
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