ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

लक्ष्मण प्रश्नोत्तरी — 20 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित लक्ष्मण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 20 प्रश्न

दिव्यास्त्र

लक्ष्मण पर नारायणास्त्र का कोई प्रभाव क्यों नहीं पड़ा?

लक्ष्मण जी आदिशेष के अवतार और विष्णु के अंश थे। नारायणास्त्र अपने ही स्वामी के अंश पर प्रहार नहीं कर सकता था इसलिए यह प्रभावहीन रहा।

लक्ष्मणनारायणास्त्रआदिशेष
दिव्यास्त्र

मेघनाद ने लक्ष्मण पर नारायणास्त्र क्यों चलाया?

जब मेघनाद के सभी अस्त्र लक्ष्मण के विरुद्ध विफल हो गए तब उसने अंतिम उपाय के रूप में नारायणास्त्र चलाया।

मेघनादलक्ष्मणनारायणास्त्र
मेघनाद चरित्र

मेघनाद का वध कैसे हुआ

विभीषण के मार्गदर्शन में लक्ष्मण ने मेघनाद का निकुंभला यज्ञ भंग किया — जिससे उसकी अजेयता समाप्त हुई। फिर भीषण युद्ध में लक्ष्मण ने अंजलिकास्त्र से मेघनाद का सिर धड़ से अलग किया।

मेघनाद वधलक्ष्मणनिकुंभला यज्ञ भंग
दिव्यास्त्र

लक्ष्मण पर वैष्णवास्त्र बेअसर क्यों हुआ?

लक्ष्मण जी आदिशेष के अवतार और विष्णु के अंश थे। विष्णु का अपना अस्त्र अपने ही अंश पर प्रहार नहीं कर सकता था इसलिए वह बेअसर हुआ।

लक्ष्मणवैष्णवास्त्रआदिशेष
दिव्यास्त्र

मेघनाद ने लक्ष्मण पर वैष्णवास्त्र चलाया तो क्या हुआ?

मेघनाद का वैष्णवास्त्र लक्ष्मण की परिक्रमा करके वापस लौट आया क्योंकि लक्ष्मण जी स्वयं विष्णु के अंश आदिशेष के अवतार थे।

मेघनादलक्ष्मणवैष्णवास्त्र
दिव्यास्त्र

नागपाश से राम और लक्ष्मण को कैसे मुक्ति मिली?

नागों के परम शत्रु गरुड़ देव के आकाश से उतरते ही सभी नाग भय से भाग गए और राम-लक्ष्मण नागपाश से मुक्त हो गए।

नागपाशरामलक्ष्मण
दिव्यास्त्र

रामायण में नागपाश का प्रयोग किसने और किस पर किया?

रामायण में लंका युद्ध के दौरान मेघनाद ने नागपाश का प्रयोग श्रीराम, लक्ष्मण और पूरी वानर सेना पर किया था।

रामायणनागपाशमेघनाद
दिव्यास्त्र

लक्ष्मण का मेघनाद पर वरुणास्त्र प्रयोग क्यों विफल रहा?

लक्ष्मण का वरुणास्त्र मेघनाद पर विफल रहा। इसका कारण स्पष्ट नहीं है लेकिन यह मेघनाद की मायावी शक्तियों या दैवीय हस्तक्षेप के अधीन होने का संकेत हो सकता है।

लक्ष्मणमेघनादवरुणास्त्र
दिव्यास्त्र

रामायण में वरुणास्त्र का प्रयोग किसने और किस पर किया?

रामायण में लक्ष्मण ने मेघनाद पर वरुणास्त्र चलाया था जो असफल रहा। रावण के पास भी वरुणास्त्र होने का उल्लेख मिलता है।

रामायणवरुणास्त्रलक्ष्मण
दिव्यास्त्र

मेघनाद ने लक्ष्मण पर पाशुपतास्त्र चलाया तो क्या हुआ?

मेघनाद का पाशुपतास्त्र लक्ष्मण पर प्रभावहीन रहा और उन्हें कोई क्षति नहीं पहुंची। लक्ष्मण जी आदिशेष के अवतार थे इसलिए यह अस्त्र उन पर काम नहीं किया।

मेघनादलक्ष्मणपाशुपतास्त्र
दिव्यास्त्र

नागपाश से राम और लक्ष्मण को कैसे मुक्ति मिली?

हनुमान की प्रार्थना पर गरुड़ प्रकट हुए। गरुड़ को देखते ही नागपाश के सर्प भयभीत होकर भाग गए और गरुड़ ने राम-लक्ष्मण के घाव ठीक करके उनकी शक्ति पुनर्स्थापित की।

नागपाशरामलक्ष्मण
दिव्यास्त्र

इंद्रजीत ने राम और लक्ष्मण पर कौन सा अस्त्र चलाया था?

इंद्रजीत ने राम और लक्ष्मण पर नागपाश चलाया, जिसने उन्हें विषैले सर्पों के जीवंत बंधन में जकड़ लिया और वे अचेत हो गए।

इंद्रजीतमेघनादनागपाश
लोक

अहिरावण ने राम-लक्ष्मण को पाताल क्यों ले गया था?

अहिरावण ने देवी को बलि देने के लिए राम-लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल ले गया था। हनुमान जी ने अपने पुत्र मकरध्वज को परास्त कर और अहिरावण का वध कर उन्हें मुक्त कराया।

अहिरावणरामलक्ष्मण
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं' — किसने कहा?

लक्ष्मणजी ने परशुरामजी से कहा — बचपन में बहुत धनुष तोड़े, कभी ऐसा क्रोध नहीं हुआ। प्रसिद्ध व्यंग्य — शिवजी के दिव्य धनुष को 'धनुही' (साधारण छोटा धनुष) कहा।

बालकाण्डलक्ष्मणपरशुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

लक्ष्मणजी ने पृथ्वी को वीरविहीन कहने पर क्या प्रतिक्रिया दी?

लक्ष्मणजी ने क्रोध से कहा — ब्रह्माण्ड गेंद-सा उठा लूँ, मेरु मूली-सा तोड़ दूँ, यह धनुष तो क्या! वचन बोलते ही पृथ्वी डगमगाई, दिग्गज काँपे। सब डरे, सीता हर्षित, जनक सकुचाये।

बालकाण्डलक्ष्मणवीरविहीन
रामचरितमानस — बालकाण्ड

परशुराम-लक्ष्मण संवाद में लक्ष्मणजी ने परशुरामजी को क्या-क्या सुनाया?

लक्ष्मणजी ने निर्भीकता से कहा — बचपन में बहुत धनुष तोड़े कभी ऐसा क्रोध नहीं, ब्रह्माण्ड गेंद-सा उठा लूँ, मेरु मूली-सा तोड़ दूँ। फिर कहा — क्रोध पाप का मूल है। परशुरामजी क्रोध से जलते रहे पर लक्ष्मणजी निर्भय।

बालकाण्डलक्ष्मणपरशुराम संवाद
रामचरितमानस — बालकाण्ड

लक्ष्मणजी ने परशुरामजी के फरसे (परशु) के बारे में क्या कहा?

लक्ष्मणजी ने निर्भीकता से कहा — 'बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं' — बचपन में बहुत धनुष तोड़े, कभी ऐसा क्रोध नहीं हुआ। फरसे से नहीं डरे — हम क्षत्रिय हैं, युद्ध से भय नहीं।

बालकाण्डलक्ष्मणपरशुराम
रामचरितमानस — बालकाण्ड

लक्ष्मण और शत्रुघ्न किसके पुत्र थे?

लक्ष्मणजी और शत्रुघ्नजी राजा दशरथ और रानी सुमित्रा के पुत्र थे। लक्ष्मणजी — शीतल, सुभग, भक्त-सुखदाता, राम-कीर्ति की पताका। शत्रुघ्नजी — वीर, सुशील, भरत-अनुगामी।

बालकाण्डलक्ष्मणशत्रुघ्न
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के तीन भाइयों के नाम क्या हैं?

भरत (कैकेयी से), लक्ष्मण और शत्रुघ्न (सुमित्रा से)। चारों शील, रूप, गुण के धाम पर सुख-सागर राम सबसे अधिक। श्याम-गौर दो जोड़ियाँ — राम-लक्ष्मण (श्याम-गौर) और भरत-शत्रुघ्न।

बालकाण्डभरतलक्ष्मण
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सतीजी के सीता रूप धारण करने पर लक्ष्मणजी ने क्या किया?

लक्ष्मणजी सतीजी का बनावटी सीता वेष देखकर चकित हो गये, हृदय में भ्रम हुआ। वे बहुत गम्भीर हो गये, कुछ कह नहीं सके — क्योंकि धीरबुद्धि लक्ष्मणजी प्रभु रघुनाथजी के प्रभाव को जानते थे।

बालकाण्डलक्ष्मणसती सीता रूप

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।