विस्तृत उत्तर
रामायण की कथाओं में अहिरावण प्रसंग में पाताल लोक का वर्णन आता है। अहिरावण एक अत्यंत शक्तिशाली और मायावी असुर था जो देवी के उपासक था और जो मायावी शक्तियों में पारंगत था। उसने भगवान राम और लक्ष्मण का अपहरण करके उन्हें देवी को बलि देने के उद्देश्य से पाताल ले गया था। जब हनुमान जी को यह ज्ञात हुआ तो वे तत्काल पाताल के मार्ग से वहाँ पहुँचे। पातालपुरी में उन्होंने अपने पुत्र मकरध्वज को द्वारपाल के रूप में पाया और उसे परास्त करके अंदर प्रविष्ट हुए। हनुमान जी ने पातालपुरी के सभी रक्षकों पर विजय प्राप्त की और अहिरावण का वध करके राम-लक्ष्मण को मुक्त कराया।
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