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विस्तृत उत्तर
अपने अंतिम युद्ध में इंद्रजीत (मेघनाद) ने लक्ष्मण जी पर वैष्णवास्त्र का प्रयोग किया। परंतु यह अस्त्र लक्ष्मण जी की परिक्रमा करके वापस लौट आया क्योंकि लक्ष्मण स्वयं भगवान विष्णु के अंश, आदिशेष के अवतार थे। यह घटना वैष्णवास्त्र की दिव्य प्रकृति को दर्शाती है कि यह निरपराध या स्वयं भगवान के अंश पर प्रभावहीन हो सकता है। यह भी प्रमाणित करती है कि धर्म और दिव्यता के समक्ष परम भौतिक शक्ति भी नतमस्तक हो जाती है।
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