विस्तृत उत्तर
पाशुपतास्त्र अपनी प्रचंड शक्ति और दिव्यता के कारण केवल कुछ ही महान और योग्य योद्धाओं को प्राप्त हुआ। इसे धारण करने वालों में स्वयं भगवान शिव के अतिरिक्त चार प्रमुख नाम हैं। पहला, अर्जुन जिन्हें यह भगवान शिव से कठोर तपस्या द्वारा प्राप्त हुआ। दूसरा, मेघनाद (इंद्रजीत) जिसने तपस्या द्वारा यह प्राप्त किया। तीसरा, परशुराम जिन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या करके यह प्राप्त किया। चौथा, विश्वामित्र जो भी इस अस्त्र के धारकों में से थे। इन सभी की संख्या अत्यंत सीमित है जो इस अस्त्र की दुर्लभता को प्रमाणित करती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





