का सरल उत्तर
नाद-ब्रह्म — ध्वनि के रूप में ईश्वर की अनुभूति। शिव नाद के अधिपति हैं, उनके डमरू से १४ माहेश्वर सूत्र उत्पन्न हुए। ॐ इसी नाद का तारक मंत्र है। घनकर्णेश्वर 'घन' नाद के अधिष्ठाता हैं।
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