विस्तृत उत्तर
चन्दन (Sandalwood) तंत्र साधना की सबसे महत्वपूर्ण सामग्रियों में से एक है।
तांत्रिक उपयोग
1शरीर लेपन
साधना से पूर्व शरीर पर चन्दन लेप = शीतलता, पवित्रता, सकारात्मक ऊर्जा। विशेषकर ललाट (तिलक), हृदय, कण्ठ, नाभि, बाहुओं पर।
2यंत्र लेखन
भोजपत्र/ताम्रपत्र पर चन्दन के लेप से यंत्र बनाना — चन्दन = सात्विक ऊर्जा का वाहक।
3मूर्ति/शिवलिंग लेपन
देवता प्रतिमा/शिवलिंग पर चन्दन लेप = अभिषेक का अंग।
4ध्यान एकाग्रता
चन्दन की सुगन्ध = मन शान्त, चित्त एकाग्र। आज्ञा चक्र (भ्रूमध्य) पर चन्दन तिलक = ध्यान गहरा।
5रक्षा कवच
शरीर पर चन्दन लेप = नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा।
चन्दन के प्रकार
- ▸श्वेत चन्दन — सात्विक साधना (विष्णु, लक्ष्मी, सरस्वती)।
- ▸लाल चन्दन (रक्तचन्दन) — शक्ति/तांत्रिक साधना (दुर्गा, काली, हनुमान)।
आयुर्वेदिक गुण
शीतल, पित्तशामक, रक्तशोधक, ज्वरनाशक। चन्दन लेप से शरीर का ताप कम = ध्यान/जप में शारीरिक सुविधा।





