विस्तृत उत्तर
तंत्र में जड़ी-बूटियों (वनस्पतियों) का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है — आयुर्वेद और तंत्र का गहन सम्बन्ध।
प्रमुख तांत्रिक जड़ी-बूटियाँ
- 1अश्वगन्धा — शक्ति, ओज, वीर्य वृद्धि।
- 2शतावरी — स्त्री शक्ति, पोषण।
- 3ब्राह्मी — मेधा (बुद्धि) वृद्धि, स्मृति।
- 4शंखपुष्पी — मानसिक शान्ति, ध्यान शक्ति।
- 5हल्दी — पवित्रता, रक्षा, देवी पूजा।
- 6श्वेतार्क (सफेद आक) — गणपति साधना, धन प्राप्ति।
- 7भटकटैया (कंटकारी) — शत्रु नाश, रक्षा।
- 8हत्थाजोड़ी — न्यायालय विजय, व्यापार (लोक तांत्रिक)।
- 9नागकेसर — धन, लक्ष्मी कृपा।
प्रयोग विधि
1अभिमंत्रित कर धारण
जड़ी-बूटी को मंत्र जप (108 बार) से सिद्ध कर लाल/पीले कपड़े में बांधकर शरीर पर/तिजोरी में रखना।
2हवन में
विशिष्ट जड़ी-बूटियाँ हवन सामग्री में = देवता विशेष प्रसन्नता।
3लेपन
जड़ी-बूटी का लेप शरीर/यंत्र पर = ऊर्जा संचार।
4सेवन (आयुर्वेदिक)
वैद्य परामर्श से औषधीय सेवन — शरीर-मन सबल = साधना प्रभावी।
महत्वपूर्ण: जड़ी-बूटी प्रयोग = आयुर्वेदिक ज्ञान + तांत्रिक विधि दोनों आवश्यक। अज्ञात वनस्पति सेवन = स्वास्थ्य हानि। विश्वसनीय वैद्य/गुरु से ही।



