लोकपाताल लोक में दिव्य औषधियों का क्या प्रभाव है?दिव्य औषधियाँ और रस पाताल निवासियों को रोग, बुढ़ापा, झुर्रियां, सफेद बाल, पसीना, दुर्गंध और थकान से मुक्त रखते हैं।#पाताल लोक#दिव्य औषधि#जड़ी बूटी
पारद शिवलिंग निर्माणमर्दन संस्कार क्या होता है?मर्दन संस्कार में शोधित पारद को 'खल यंत्र' में चित्रक मूल, भृंगराज जैसी जड़ी-बूटियों के रस के साथ घोंटा जाता है — इससे पारद के कण सूक्ष्म होते हैं और औषधि गुण आत्मसात होते हैं।#मर्दन संस्कार#खल यंत्र#जड़ी बूटी
तंत्र सामग्रीतंत्र में जड़ी बूटियों का प्रयोग कैसे करेंतंत्र जड़ी-बूटी: अश्वगन्धा (शक्ति), ब्राह्मी (मेधा), श्वेतार्क (गणपति/धन), हत्थाजोड़ी (न्यायालय), नागकेसर (लक्ष्मी)। प्रयोग: अभिमंत्रित कर धारण, हवन में, लेपन, आयुर्वेदिक सेवन। मंत्र 108 बार → लाल कपड़े में। वैद्य/गुरु परामर्श अनिवार्य — अज्ञात सेवन हानिकारक।#जड़ी बूटी#तंत्र#वनस्पति