विस्तृत उत्तर
सिंदूर (पारद + गन्धक आधारित लाल चूर्ण) तंत्र में अत्यन्त शक्तिशाली सामग्री माना जाता है।
तांत्रिक प्रयोग
1देवता लेपन
- ▸हनुमान जी को सिंदूर = शक्ति, रक्षा, वीरता।
- ▸काली माता/दुर्गा/भैरवी को सिंदूर अत्यन्त प्रिय।
- ▸गणेश जी (सिन्दूरी) को भी।
2यंत्र लेखन
सिंदूर + गुलाबजल/गंगाजल = लेप बनाकर भोजपत्र/ताम्रपत्र पर यंत्र बनाना। शक्ति/उग्र देवता यंत्रों में विशेष।
3तिलक
साधक के ललाट पर सिंदूर तिलक = शक्ति, तेज, रक्षा। हनुमान/भैरव साधकों में प्रचलित।
4रक्षा कवच
गले/बाहु पर सिंदूर से बिन्दु/रेखा = सूक्ष्म रक्षा कवच।
5मन्नत/प्रयोग
हनुमान को सिंदूर + तेल चढ़ाना = मनोकामना पूर्ति का सर्वप्रचलित तांत्रिक-भक्ति प्रयोग।
क्यों सिंदूर
- ▸लाल = रक्त, प्राणशक्ति, शक्ति का रंग।
- ▸पारद (Mercury) = शिव स्वरूप — रस शास्त्र में अत्यन्त शक्तिशाली।
- ▸सिंदूर = पारद + गन्धक = शिव + शक्ति का संयोग।
सावधानी: शुद्ध सिंदूर प्रयोग करें — बाज़ारी मिलावटी (lead-based) सिंदूर स्वास्थ्य हेतु हानिकारक।





