विस्तृत उत्तर
भं' भगवान भैरव का एकाक्षरी बीज मंत्र है। भैरव का अर्थ ही है भरण-पोषण करने वाला और 'भय' का नाश करने वाला। तांत्रिक और अघोर साधनाओं में 'भं' बीज का प्रयोग एक अभेद्य ऊर्जा-कवच तैयार करने के लिए किया जाता है।
जब साधक किसी घोर संकट, काले जादू या अज्ञात शत्रुओं से घिरा हो, तो उसे रुद्राक्ष या काले हकीक की माला से मध्यरात्रि में 'ॐ भं भैरवाय नमः' का जप करना चाहिए। इस बीज मंत्र की ध्वनि साधक के आभामंडल के चारों ओर अग्नि का एक सूक्ष्म घेरा बना देती है, जिसे कोई भी नकारात्मक शक्ति (भूत, पिशाच, या मारण प्रयोग) भेद नहीं सकती। यह मंत्र आकस्मिक दुर्घटनाओं और अकाल मृत्यु से भी बचाता है। हालांकि, इसे पूर्ण पवित्रता और निर्भयता के साथ ही जपा जाना चाहिए।


