विस्तृत उत्तर
भगवान काल भैरव को शिव का अत्यंत उग्र और दंड देने वाला स्वरूप माना जाता है। जब कोई शत्रु अकारण परेशान कर रहा हो या प्राणों का संकट हो, तब काल भैरव की साधना अचूक होती है।
शत्रु नाश के लिए उनका सबसे शक्तिशाली तांत्रिक मंत्र है—'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रूं सः भूर्भुवः स्वः ॐ बटुक भैरवाय नमः' या उग्र रूप में 'ॐ कालभैरवाय फट्'। इस मंत्र का जप हमेशा रात्रि के समय (निशीथ काल), दक्षिण दिशा की ओर मुख करके और काले हकीक या रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। भगवान भैरव को सरसों के तेल का दीपक और काले उड़द अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और बड़े से बड़े शत्रु का स्तंभन कर साधक की पूर्ण रक्षा करते हैं।
