विस्तृत उत्तर
तंत्र शास्त्र में 'वशीकरण' का अर्थ किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व में इतना तीव्र आकर्षण (Magnetic Aura) उत्पन्न करना है कि सामने वाला व्यक्ति आपकी बात सुनने और मानने के लिए अनुकूल हो जाए। इसके लिए 'वशीकरण तिलक' का प्रयोग अत्यंत प्रसिद्ध है।
वशीकरण तिलक के लिए सामान्यतः कामिया सिंदूर, गोरोचन या शुद्ध केसर का उपयोग किया जाता है। तिलक लगाते समय भगवान कामदेव के मंत्र 'ॐ कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि तन्नोऽनंग प्रचोदयात्' या कामाख्या देवी के बीज मंत्र 'ॐ कामाख्या देवि वश्यं कुरु कुरु स्वाहा' का 21 बार अभिमंत्रित करके (मंत्र पढ़कर तिलक पर फूंक मारना) मस्तक पर लगाना चाहिए। यह तिलक धारण करने वाले के चेहरे पर एक दिव्य तेज उत्पन्न करता है जो सभा, इंटरव्यू या जीवनसाथी को सकारात्मक रूप से सम्मोहित करता है।