विस्तृत उत्तर
माता महाकाली का बीज मंत्र 'क्रीं' (Kreem) है। यह संपूर्ण ब्रह्मांड की संहारक और सुरक्षात्मक ऊर्जा का सबसे उग्र रूप है। यह मंत्र कुण्डलिनी शक्ति को अत्यधिक तीव्र गति से मूलाधार चक्र से जाग्रत करता है।
इसकी शक्ति इतनी प्रचंड होती है कि इसे बिना गुरु के मार्गदर्शन के जपना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। यदि कोई सामान्य व्यक्ति बिना सुरक्षा कवच (न्यास और संकल्प) के इसका अतिरेक जप करता है, तो उसके शरीर में अत्यधिक गर्मी (अग्नि) उत्पन्न हो सकती है, रक्तचाप बिगड़ सकता है और मानसिक विक्षिप्तता या अत्यधिक क्रोध आ सकता है। यह मंत्र भ्रम और अज्ञान को बेदर्दी से काटता है, इसलिए जो साधक सांसारिक मोह में फंसा है, उसे इसके झटके सहन नहीं होते। इसका जप हमेशा गुरु द्वारा दीक्षा प्राप्त करने के बाद ही करना चाहिए।



