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तंत्र साधना📜 कुलार्णव तंत्र, तंत्रालोक, महानिर्वाण तंत्र1 मिनट पठन

अमावस्या की रात तांत्रिक साधना क्यों प्रभावी मानी जाती है?

संक्षिप्त उत्तर

अमावस्या तंत्र: अंधकार=शक्ति/काली काल, चन्द्रमा शून्य=मन शून्य (गहन ध्यान), पितर/उग्र शक्ति सक्रिय, राहु=सिद्धि, दश महाविद्या। गुरु दीक्षा अनिवार्य। सामान्य=तर्पण+दान+जप।

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विस्तृत उत्तर

अमावस्या तांत्रिक साधना:

  1. 1अंधकार = शक्ति काल: अमावस्या = सम्पूर्ण अंधकार। तंत्र में अंधकार = शक्ति/काली का काल। काली = अंधकार की देवी = अमावस्या पर सर्वाधिक सक्रिय।
  1. 1चन्द्रमा अनुपस्थित = मन शांत: तंत्र: चन्द्रमा = मन = विक्षेप। अमावस्या = चन्द्रमा शून्य = मन शून्य = गहन ध्यान सम्भव = तांत्रिक साधना प्रभावी।
  1. 1पितर + उग्र शक्ति: अमावस्या = पितर/उग्र शक्तियों का काल। तांत्रिक साधना = इन शक्तियों से सम्पर्क/नियंत्रण।
  1. 1राहु-केतु प्रभाव: अमावस्या = राहु सक्रिय। तंत्र में राहु = सिद्धि प्रदायक (उचित साधना)।
  1. 1दश महाविद्या: काली, तारा, धूमावती = अमावस्या विशेष। मंत्र सिद्धि शीघ्र।

चेतावनी: अमावस्या तांत्रिक साधना = गुरु दीक्षा अनिवार्य। अनधिकारी = अत्यंत खतरनाक। सामान्य भक्त = अमावस्या पर तर्पण, दान, जप = सुरक्षित और शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र, तंत्रालोक, महानिर्वाण तंत्र
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