विस्तृत उत्तर
षट्कर्म में शांति = सर्वसात्विक:
षट्कर्म (6 तांत्रिक कर्म)
- 1शांति = रोग/दोष/ग्रह शांति → सात्विक (कल्याण)।
- 2वशीकरण = आकर्षण → राजसिक।
- 3स्तंभन = रोकना → राजसिक।
- 4विद्वेषण = विभेद → तामसिक।
- 5उच्चाटन = हटाना → तामसिक।
- 6मारण = नाश → तामसिक (सर्वनिकृष्ट)।
शांति क्यों सात्विक
- ▸कल्याण उद्देश्य: किसी को हानि नहीं — रोगी का रोग शांत, ग्रह शांत = सबका भला।
- ▸निःस्वार्थ: दूसरों का कल्याण = निष्काम।
- ▸कर्म फल: शांति = पुण्य। मारण/विद्वेषण = पाप।
सामान्य भक्त: केवल शांति कर्म = उचित। शेष 5 = तांत्रिक/गुरु दीक्षित।

