विस्तृत उत्तर
दीपावली (कार्तिक कृष्ण अमावस्या) तांत्रिक साधना की सबसे शक्तिशाली रात्रि मानी गई है।
क्यों विशेष
- ▸अमावस्या = सर्वाधिक अन्धकार = गुप्त शक्तियों का चरम।
- ▸लक्ष्मी + काली दोनों की पूजा = धन + शक्ति।
- ▸बंगाल/पूर्वी भारत: दीपावली = काली पूजा = तंत्र का सर्वोच्च पर्व।
सात्विक तांत्रिक साधना (सभी हेतु)
- 1सन्ध्या स्नान → शुद्ध वस्त्र (लाल/पीला)।
- 2श्रीयंत्र/लक्ष्मी यंत्र स्थापना।
- 3गणेश → लक्ष्मी → सरस्वती → कुबेर पूजा (क्रम में)।
- 4श्री सूक्त पाठ + 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' 108/1008 जप।
- 5कमलगट्टा/स्फटिक माला से।
- 6अखण्ड दीपक जलाएँ — रात भर।
- 7रात्रि जागरण + भजन।
उन्नत तांत्रिक साधना (दीक्षित साधक)
- ▸श्रीविद्या (षोडशी/ललिता) साधना।
- ▸दश महाविद्या — विशेषकर काली, कमला (लक्ष्मी)।
- ▸महालक्ष्मी अनुष्ठान।
- ▸यंत्र सिद्धि — दीपावली रात्रि = यंत्र प्राण प्रतिष्ठा हेतु सर्वोत्तम।
ध्यान दें: दीपावली पर जुआ/सट्टा = 'लक्ष्मी पूजा' नहीं है — यह कुप्रथा है। सच्ची लक्ष्मी साधना = शुद्ध भक्ति, दान, स्वच्छता। उग्र तांत्रिक प्रयोग = गुरु मार्गदर्शन।



