विस्तृत उत्तर
भगवान का नौवाँ अवतार राजा पृथु के रूप में बताया गया है। ऋषियों की प्रार्थना से भगवान पृथु रूप में अवतीर्ण हुए। इस अवतार में उन्होंने पृथ्वी से समस्त औषधियों का दोहन किया। हिंदी व्याख्या कहती है कि इसी कारण यह अवतार सबके लिए बहुत कल्याणकारी हुआ। यहाँ पृथु अवतार की विस्तृत राजकथा नहीं दी गई, लेकिन उसका मुख्य कल्याणकारी कार्य स्पष्ट है: पृथ्वी से औषधियों और पोषण-संबंधी संपदा को उपलब्ध कराना। इसलिए पृथु अवतार लोक-कल्याण, पृथ्वी के पोषण और जीवों के जीवनोपयोगी साधनों की प्राप्ति से जुड़ा हुआ है।
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