विज्ञान+धर्मतुलसी पौधे के वैज्ञानिक और धार्मिक लाभ?धार्मिक: विष्णुप्रिया, यमदूत दूर। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल, इम्यूनिटी, तनाव कम(Adaptogen), शर्करा नियंत्रण, 24hr ऑक्सीजन, मच्छर भगाती। दोनों लाभ प्रमाणित।#तुलसी#वैज्ञानिक#धार्मिक
श्रीमद्भागवतपृथु अवतार में भगवान ने क्या किया?पृथु अवतार में भगवान ने पृथ्वी से समस्त औषधियों का दोहन किया, इसलिए यह अवतार सबके लिए कल्याणकारी कहा गया।#पृथु अवतार#पृथ्वी#औषधि
श्रीमद्भागवतभागवत कथा भवरोग की औषधि क्यों है?कलियुग में भागवत कथा भवरोग की रामबाण औषधि, कृष्णप्रिय, पाप-नाशक, मुक्ति का कारण और भक्ति बढ़ाने वाली कही गई है।#भवरोग#औषधि#मुक्ति
लोकपाताल लोक में बुढ़ापा और रोग क्यों नहीं होते?दिव्य औषधियों, जड़ी-बूटियों और रसों के कारण पाताल निवासियों को बुढ़ापा, रोग, झुर्रियां, थकान और दुर्गंध नहीं सताते।#पाताल लोक#बुढ़ापा#रोग
लोकसुतल लोक में रोग क्यों नहीं होते?सुतल लोक में दिव्य औषधियों और रसायनों के कारण मानसिक क्लेश और शारीरिक रोग नहीं होते।#सुतल रोग#दिव्य रसायन#औषधि
असाध्य रोग निवारण और विशेष प्रयोगअसितांग भैरव साधना और आयुर्वेदिक चिकित्सा साथ-साथ चल सकती है क्या?हाँ — साधना में 'एक तत्व से बात नहीं बनती'। मंत्र जप चिकित्सा का पूरक है — आध्यात्मिक साधना और औषधि दोनों साथ-साथ चलने चाहिए।#चिकित्सा पूरक#औषधि#आध्यात्मिक
पर्वशरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण होते हैं क्याहाँ (मान्यता + कुछ शोध)। गीता 15.13: चन्द्रमा औषधि पोषक। 16 कलाओं से पूर्ण। BHU: लैक्टिक अम्ल+स्टार्च चन्द्रकिरण अवशोषित। आयुर्वेद: शरद पित्त+चन्द्र शीतल=पित्तशामक। काशी: अस्थमा औषधि। बड़े clinical trials नहीं, खीर=पौष्टिक+शीतल।#शरद पूर्णिमा#चन्द्र किरणें#औषधि
तंत्र सामग्रीतंत्र में जड़ी बूटियों का प्रयोग कैसे करेंतंत्र जड़ी-बूटी: अश्वगन्धा (शक्ति), ब्राह्मी (मेधा), श्वेतार्क (गणपति/धन), हत्थाजोड़ी (न्यायालय), नागकेसर (लक्ष्मी)। प्रयोग: अभिमंत्रित कर धारण, हवन में, लेपन, आयुर्वेदिक सेवन। मंत्र 108 बार → लाल कपड़े में। वैद्य/गुरु परामर्श अनिवार्य — अज्ञात सेवन हानिकारक।#जड़ी बूटी#तंत्र#वनस्पति