विस्तृत उत्तर
चौंसठ योगिनी (64 योगिनी) शक्ति की 64 विभिन्न अभिव्यक्तियां हैं। भारत में कुछ प्राचीन चौंसठ योगिनी मंदिर हैं (जैसे — मितावली/मुरैना (मध्य प्रदेश), हीरापुर (ओडिशा), खजुराहो (मध्य प्रदेश), रानीपुर झरियाल (ओडिशा))।
पूजा विधि (सामान्य दर्शन हेतु)
- 1मंदिर में प्रवेश से पूर्व स्नान और शुद्ध वस्त्र धारण।
- 2मंदिर परिसर में प्रवेश कर सर्वप्रथम मुख्य देवी (केंद्र में स्थित) को प्रणाम।
- 3फिर क्रमशः सभी 64 योगिनी प्रतिमाओं को प्रदक्षिणा करते हुए नमन।
- 4प्रत्येक योगिनी को लाल पुष्प, सिंदूर, अक्षत अर्पित करें।
- 5दीपक और धूप जलाएं।
- 6'ॐ ऐं ह्रीं श्रीं देवी (योगिनी नाम) नमः' मंत्र से प्रत्येक को प्रणाम।
महत्वपूर्ण सावधानी
- ▸चौंसठ योगिनी की विशिष्ट तांत्रिक साधना अत्यंत गोपनीय और कठोर है।
- ▸गुरु दीक्षा अनिवार्य — बिना गुरु तांत्रिक पूजा कदापि न करें।
- ▸सामान्य दर्शन और भक्ति पूजा सभी कर सकते हैं।
चौंसठ योगिनी कौन हैं
- ▸ये देवी दुर्गा/काली की 64 सहचरी शक्तियां हैं।
- ▸कुछ परंपराओं में आठ मातृका × आठ = 64 योगिनी।
- ▸ये ब्रह्मांड की 64 कलाओं/शक्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
[समीक्षा आवश्यक]: 64 योगिनियों के विशिष्ट नाम और मंत्र विभिन्न परंपराओं और मंदिरों में भिन्न हो सकते हैं। सटीक जानकारी हेतु संबंधित मंदिर के पुजारी या गुरु से परामर्श करें।





