ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
तंत्र साधना📜 तंत्रालोक (अभिनवगुप्त), शिवसूत्र, शारदातिलक तंत्र2 मिनट पठन

तंत्र में पंचतत्व शुद्धि कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

पंचतत्व शुद्धि: पृथ्वी(मूलाधार-'लं'), जल(स्वाधिष्ठान-'वं'), अग्नि(मणिपूर-'रं'), वायु(अनाहत-'यं'), आकाश(विशुद्धि-'हं')। प्रत्येक चक्र पर ध्यान + बीज जप। शरीर = देवालय। गुरु मार्गदर्शन में उन्नत साधना।

📖

विस्तृत उत्तर

पंचतत्व शुद्धि (भूत शुद्धि) तांत्रिक साधना का मूलभूत अंग है। शरीर पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) से बना है — इनकी शुद्धि से शरीर देवता पूजन योग्य बनता है।

पंचतत्व शुद्धि विधि

  1. 1पृथ्वी तत्व (मूलाधार चक्र):

मूलाधार (गुदा क्षेत्र) में ध्यान केन्द्रित करें। पीले वर्ण का ध्यान। बीज मंत्र: 'लं'। भावना: पृथ्वी तत्व शुद्ध हो रहा है — शरीर हल्का और शुद्ध।

  1. 1जल तत्व (स्वाधिष्ठान चक्र):

नाभि के नीचे ध्यान। श्वेत/चन्द्र वर्ण। बीज: 'वं'। भावना: जल तत्व शुद्ध — रक्त, रस शुद्ध।

  1. 1अग्नि तत्व (मणिपूर चक्र):

नाभि क्षेत्र। लाल/अग्नि वर्ण। बीज: 'रं'। भावना: अग्नि तत्व शुद्ध — पाचन, ऊर्जा शुद्ध।

  1. 1वायु तत्व (अनाहत चक्र):

हृदय क्षेत्र। धूम्र/हरा वर्ण। बीज: 'यं'। भावना: वायु तत्व शुद्ध — श्वास, प्राण शुद्ध।

  1. 1आकाश तत्व (विशुद्धि चक्र):

कण्ठ क्षेत्र। नीला/शून्य वर्ण। बीज: 'हं'। भावना: आकाश तत्व शुद्ध — मन, चेतना शुद्ध।

सम्पूर्ण विधि: प्रत्येक तत्व पर 5-5 मिनट ध्यान + बीज मंत्र जप → भावना: सम्पूर्ण शरीर शुद्ध → शिव/शक्ति रूप — 'देहो देवालयः प्रोक्तः जीवो देवः सनातनः।'

चेतावनी: उन्नत भूत शुद्धि गुरु मार्गदर्शन में ही करें। सामान्य साधक सरल ध्यान विधि (ऊपर बताई) से लाभ ले सकते हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
तंत्रालोक (अभिनवगुप्त), शिवसूत्र, शारदातिलक तंत्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

पंचतत्वभूत शुद्धिपृथ्वी-जल-अग्नि-वायु-आकाशतंत्रशुद्धि

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

तंत्र में पंचतत्व शुद्धि कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको तंत्र साधना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर तंत्रालोक (अभिनवगुप्त), शिवसूत्र, शारदातिलक तंत्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।