विस्तृत उत्तर
नवरात्रि तांत्रिक साधना का सर्वश्रेष्ठ काल है — शक्ति (देवी) की ऊर्जा सर्वोच्च।
तांत्रिक नवरात्रि साधना (सामान्य रूपरेखा)
1तैयारी (नवरात्रि से पूर्व)
- ▸गुरु से मंत्र दीक्षा और साधना विधि प्राप्त करें।
- ▸उपवास/ब्रह्मचर्य/शुद्धता का संकल्प।
- ▸साधना स्थल शुद्ध करें — यंत्र, आसन, दीपक, सामग्री तैयार।
2घटस्थापना (प्रतिपदा)
कलश + यंत्र (श्रीयंत्र/देवी यंत्र) स्थापना। ज्वारा बोना। अखण्ड ज्योति प्रज्वलित।
3नित्य साधना (9 दिन)
- ▸प्रातः स्नान → न्यास → देवी ध्यान → मंत्र जप (108/1008 माला)।
- ▸दुर्गा सप्तशती पाठ (प्रतिदिन सम्पूर्ण या विभाजित — 3 चरित्र/9 दिन)।
- ▸प्रतिदिन सम्बन्धित नवदुर्गा बीज मंत्र जप।
- ▸सन्ध्या आरती + भोग।
4विशेष तांत्रिक साधना
- ▸दश महाविद्या साधना (उन्नत — गुरु से)।
- ▸श्रीविद्या/ललिता साधना (षोडशी मंत्र)।
- ▸नवार्ण मंत्र अनुष्ठान (1,25,000 जप)।
5अष्टमी/नवमी
हवन + कन्या पूजन + पूर्णाहुति। तांत्रिक: विशेष यंत्र सिद्धि, मंत्र पुरश्चरण पूर्ण।
6विसर्जन (दशमी)
कलश विसर्जन, ज्वारा वितरण, यंत्र गोपनीय स्थान पर।
ध्यान दें: तांत्रिक नवरात्रि साधना = गुरु मार्गदर्शन अनिवार्य। सामान्य भक्तों के लिए दुर्गा सप्तशती पाठ + नवदुर्गा पूजन + जप ही उत्तम और सुरक्षित।


