विस्तृत उत्तर
चालीसा/स्तोत्र पाठ बैठने का सही तरीका:
- 1आसन — कुशा/ऊन/रेशम/सूती चटाई/आसन। जमीन पर सीधे नहीं।
- 2दिशा — पूर्व या उत्तर मुख। दक्षिण = पितृ कर्म।
- 3मुद्रा — सुखासन (आरामदायक पालथी) या पद्मासन। रीढ़ सीधी।
- 4हाथ — माला हो तो दाहिने हाथ में; बिना माला = हाथ गोद/घुटने।
- 5आंखें — बंद/अर्धबंद या मूर्ति/चित्र पर।
- 6पुस्तक — पठन हो तो पुस्तक हाथ/चौकी पर; जमीन पर नहीं।
वर्जित: जूते पहनकर, बिस्तर पर लेटकर, अशुद्ध शरीर/वस्त्र। खड़े/चलते = अनुमत (मन में जप)।
सरलतम: कोई स्वच्छ स्थान, स्वच्छ वस्त्र, शांत मन = पर्याप्त। भाव > आसन।





