विस्तृत उत्तर
देवी कवच = दुर्गा सप्तशती (मार्कण्डेय पुराण) का अंग; नवदुर्गा + अष्टमातृका शक्तियों का कवच।
सुरक्षा
- 1सर्वांगीण — शरीर के प्रत्येक अंग पर भिन्न देवी रक्षा (ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही, इंद्राणी, चामुंडा)।
- 2शत्रु/बुरी शक्ति — तंत्र/मंत्र/भूत-प्रेत निवारण।
- 3रोग निवारण — असाध्य रोग।
- 4भय मुक्ति — निर्भयता; देवी शक्ति।
- 5दुर्गा सप्तशती का अंग — सप्तशती पाठ में कवच अनिवार्य (कवच→अर्गला→कीलक→सप्तशती)।
विधि: नवरात्रि विशेष; शुक्रवार; ~10-15 min। सप्तशती पाठ में प्रथम।





