विस्तृत उत्तर
शिव तांडव स्तोत्र = लंकापति रावण रचित; शिव नटराज (तांडव नृत्य) स्तुति। अत्यंत शक्तिशाली + उग्र स्तोत्र।
फल
- 1अपार शक्ति — रावण जैसी शक्ति/साहस; आत्मविश्वास।
- 2शत्रु नाश — भय/शत्रु/बाधा निवारण।
- 3शनि शमन — शनि दोष/साढ़ेसाती में प्रभावी।
- 4ऊर्जा — उग्र ऊर्जा; सुस्ती/आलस्य दूर।
- 5शिव कृपा — शिव रुद्र रूप प्रसन्नता।
सावधानी: यह उग्र स्तोत्र; शुद्धता + सही उच्चारण आवश्यक। कुछ विद्वान: सामान्य व्यक्ति = हनुमान चालीसा/शिव चालीसा पर्याप्त; शिव तांडव = विशेष साधकों।
विधि: सोमवार/शिवरात्रि; शिवलिंग सामने; ~10-12 min।





