विस्तृत उत्तर
शिव महिम्न स्तोत्र = गंधर्व पुष्पदंत रचित; शिव महिमा वर्णन; 43 श्लोक। सबसे लोकप्रिय शिव स्तोत्रों में।
कथा: पुष्पदंत गंधर्व ने शिव के बगीचे से फूल चुराए → शिव क्रोधित → पुष्पदंत ने क्षमा हेतु यह स्तोत्र रचा → शिव प्रसन्न।
फल
- 1शिव कृपा — सर्वप्रथम; शिव प्रसन्नता।
- 2पाप नाश — गंभीर पापों का क्षय।
- 3भक्ति वृद्धि — शिव भक्ति गहरी।
- 4ज्ञान — शिव महिमा = ब्रह्म ज्ञान; 'नमस्ते नमस्ते'।
- 5भय/शत्रु निवारण — शिव = महाकाल; भय दूर।
- 6मोक्ष — नियमित पाठ = शिवलोक प्राप्ति।
विधि: सोमवार/शिवरात्रि; शिवलिंग सामने; ~20-25 min पाठ।





