विस्तृत उत्तर
शनिवार शनि आरती = शनि प्रसन्नता + दोष शमन।
लाभ: शनि कृपा, साढ़ेसाती/ढैय्या प्रभाव कम, कार्य बाधा दूर, न्याय प्राप्ति, कर्मफल सुधार।
'जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी...' = सबसे प्रचलित शनि आरती।
विधि: शनिवार शाम; शनि चित्र/मूर्ति; सरसों तेल दीपक; काले तिल; नीले फूल; आरती + शनि मंत्र 108। पीपल तले दीपक।





