विस्तृत उत्तर
राजभोग आरती = दोपहर की आरती; भगवान को प्रमुख भोग (राजभोग = राजसी भोजन) अर्पित।
समय: दोपहर ~11:00 AM - 12:30 PM (मंदिर अनुसार)।
क्या: भगवान को दिन का मुख्य भोजन (56 भोग/छप्पन भोग — विशेष अवसर) अर्पित → आरती → कपाट बंद (भगवान विश्राम — दोपहर)।
56 भोग (छप्पन भोग): कृष्ण भक्ति विशेष; 56 व्यंजन — गोवर्धन पूजा/अन्नकूट में।
5 दैनिक आरती क्रम: (1) मंगल (~4-5 AM) → (2) श्रृंगार (~7-8 AM) → (3) राजभोग (~11-12:30 PM) → (4) संध्या (~6-7 PM) → (5) शयन (~8:30-10 PM)।
घर पर: दोपहर भोग = भोजन बनने पर भगवान को अर्पित (प्रश्न 426) → 'ब्रह्मार्पणं...' (गीता 4.24) → प्रसाद ग्रहण।





