विस्तृत उत्तर
सावन में संध्या (प्रदोष काल) शिव पूजा विशेष:
विधि
- 1सूर्यास्त से ~1.5 घंटे पहले स्नान + शुद्ध वस्त्र।
- 2शिवलिंग/शिव चित्र समक्ष दीपक जलाएं।
- 3जलाभिषेक — गंगाजल/शुद्ध जल + 'ॐ नमः शिवाय'।
- 4बेलपत्र, श्वेत पुष्प, धतूरा अर्पित।
- 5धूप + दीपक।
- 6रुद्राष्टक या शिव चालीसा पाठ।
- 7आरती — 'ॐ जय शिव ओंकारा'।
- 8नैवेद्य (भोग — मिठाई/फल)।
- 9सोमवार व्रत कथा (यदि सोमवार हो)।
संध्या विशेषता (स्कन्द पुराण)
प्रदोष काल में शिव कैलाश पर तांडव नृत्य करते हैं — इस समय शिव सबसे प्रसन्न होते हैं। प्रदोष = 'प्र' (विशेष) + 'दोष' (दोष नाश) = विशेष दोष निवारण काल।





