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शिव पूजा विधि📜 स्कन्द पुराण (प्रदोष), शिव पूजा पद्धति1 मिनट पठन

सावन में शिव की संध्या पूजा की विशेष विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

प्रदोष काल (सूर्यास्त ±1.5 घंटे)। जलाभिषेक → बेलपत्र → धूप-दीपक → रुद्राष्टक/चालीसा → आरती → भोग → कथा। स्कन्द पुराण: प्रदोष = शिव तांडव — सबसे प्रसन्न काल।

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विस्तृत उत्तर

सावन में संध्या (प्रदोष काल) शिव पूजा विशेष:

विधि

  1. 1सूर्यास्त से ~1.5 घंटे पहले स्नान + शुद्ध वस्त्र।
  2. 2शिवलिंग/शिव चित्र समक्ष दीपक जलाएं।
  3. 3जलाभिषेक — गंगाजल/शुद्ध जल + 'ॐ नमः शिवाय'।
  4. 4बेलपत्र, श्वेत पुष्प, धतूरा अर्पित।
  5. 5धूप + दीपक।
  6. 6रुद्राष्टक या शिव चालीसा पाठ।
  7. 7आरती — 'ॐ जय शिव ओंकारा'।
  8. 8नैवेद्य (भोग — मिठाई/फल)।
  9. 9सोमवार व्रत कथा (यदि सोमवार हो)।

संध्या विशेषता (स्कन्द पुराण)

प्रदोष काल में शिव कैलाश पर तांडव नृत्य करते हैं — इस समय शिव सबसे प्रसन्न होते हैं। प्रदोष = 'प्र' (विशेष) + 'दोष' (दोष नाश) = विशेष दोष निवारण काल।

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शास्त्रीय स्रोत
स्कन्द पुराण (प्रदोष), शिव पूजा पद्धति
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