विस्तृत उत्तर
पंचायतन पूजा स्मार्त सम्प्रदाय (आदि शंकराचार्य) की पूजा पद्धति है — पांच देवताओं की एक साथ पूजा:
पांच देवता (शोध सत्यापित — Wikipedia Hindi/Aaradhika/Webdunia)
- 1शिव (महेश) — संहार, कल्याण, मोक्ष।
- 2विष्णु (केशव) — पालन, धन, सद्गुण।
- 3गणेश (गणपति) — बुद्धि, विघ्ननाश, प्रथम पूज्य।
- 4सूर्य (आदित्य) — आरोग्य, तेज, ऊर्जा।
- 5शक्ति (देवी/दुर्गा) — साहस, बल, रक्षा।
शिव पंचायतन (शिव इष्ट — Aaradhika शोध)
मध्य में शिव, ईशान कोण में विष्णु, आग्नेय कोण में सूर्य, नैऋत्य कोण में गणेश, वायव्य कोण में शक्ति।
अन्य पंचायतन
- ▸विष्णु पंचायतन: मध्य विष्णु + शिव/गणेश/सूर्य/शक्ति।
- ▸गणेश/सूर्य/देवी पंचायतन: इष्ट बदलता है, चार शेष दिशाओं में।
महत्व
- ▸एक परम ब्रह्म के पांच साकार रूप।
- ▸पांच देवों की पूजा = पूर्ण आध्यात्मिक कवच।
- ▸शास्त्र: 'यदि पंचायतन में देवों को गलत स्थान पर रखा तो दुःख-शोक-भय।'
- ▸गणेश पूजा अनिवार्य (बिना गणेश = विघ्नराज फल हर लेते हैं)।
संस्कृत श्लोक: 'आदित्यं गणनाथं च देवीं रुद्रं च केशवम्। पञ्चदैवतमिति प्रोक्तं सर्वकार्येषु पूजयेत्॥'





