विस्तृत उत्तर
शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा दाम्पत्य सुख और पारिवारिक कल्याण का सर्वोत्तम उपाय है:
विधान
- 1शिवलिंग = शिव + शक्ति दोनों (जलाधारी = पार्वती)।
- 2यदि अलग प्रतिमा हो: शिव बाईं ओर, पार्वती दाहिनी ओर।
- 3पहले गणेश पूजा → फिर शिव (जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा) → फिर पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार सामग्री, लाल फूल, चूड़ी)।
- 4'ॐ नमः शिवाय' + 'ॐ गौर्यै नमः' दोनों जप।
- 5आरती दोनों की एक साथ।
- 6Webdunia शोध: सावन सोमवार पर शिव-पार्वती दोनों का पूजन + व्रत कथा।
विशेष
- ▸सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु हेतु।
- ▸कुमारी कन्याएं मनचाहा वर हेतु।
- ▸दाम्पत्य कलह निवारण हेतु।
- ▸शिवलिंग पर सिंदूर/कुमकुम वर्जित — किन्तु पार्वती प्रतिमा पर अर्पित करें।





