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शिव पूजा विधि📜 शिव पुराण, शैव परंपरा, Webdunia1 मिनट पठन

शिव के साथ पार्वती की पूजा करने का विधान क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

शिवलिंग = शिव+पार्वती (जलाधारी = पार्वती)। पहले गणेश → शिव (बेलपत्र) → पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार)। शिवलिंग पर सिंदूर वर्जित — पार्वती प्रतिमा पर। दाम्पत्य सुख, मनचाहा वर, कलह निवारण।

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विस्तृत उत्तर

शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा दाम्पत्य सुख और पारिवारिक कल्याण का सर्वोत्तम उपाय है:

विधान

  1. 1शिवलिंग = शिव + शक्ति दोनों (जलाधारी = पार्वती)।
  2. 2यदि अलग प्रतिमा हो: शिव बाईं ओर, पार्वती दाहिनी ओर।
  3. 3पहले गणेश पूजा → फिर शिव (जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा) → फिर पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार सामग्री, लाल फूल, चूड़ी)।
  4. 4'ॐ नमः शिवाय' + 'ॐ गौर्यै नमः' दोनों जप।
  5. 5आरती दोनों की एक साथ।
  6. 6Webdunia शोध: सावन सोमवार पर शिव-पार्वती दोनों का पूजन + व्रत कथा।

विशेष

  • सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु हेतु।
  • कुमारी कन्याएं मनचाहा वर हेतु।
  • दाम्पत्य कलह निवारण हेतु।
  • शिवलिंग पर सिंदूर/कुमकुम वर्जित — किन्तु पार्वती प्रतिमा पर अर्पित करें।
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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण, शैव परंपरा, Webdunia
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